सोमवार, 16 दिसंबर 2013

अनन्याओं के लिये जीने के रास्ते साफ़ करें..

नारी के खिलाफ़
वैमनस्य भावों के
लिये समाज की   
दोगली समझ को
समूल विनिष्ट करें
आईये हम खुद को

सुधारें.. अनन्याओं के लिये जीने के रास्ते साफ़ करें.. हम सदा नारी के साथ इंसाफ़ करें..!

1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज मंगलवार (17-12-13) को मंगलवारीय चर्चा मंच --१४६४ --मीरा के प्रभु गिरधर नागर में "मयंक का कोना" पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं

टिप्पणियाँ कीजिए शायद सटीक लिख सकूं