बुधवार, 30 मार्च 2011

न जागो और न मेरा इंतज़ार करो

न जागो और न मेरा  इंतज़ार करो-
तुम भी औरों की की तरह मुझको को बेज़ार करो...
............................न जागो और न मेरा  इंतज़ार करो !

कौन हूं मैं   किधर से आया हूं
बहुत रोया हूं वहां..! मैं जिधर से आया हूं
एक सेहरा हूं , उसको न गुलज़ार करो !!
............................न जागो और न मेरा  इंतज़ार करो !

मुझको इस दर्द से राहत ही मिला करती है
सुकूं मिले तो वो  रात भी,  गिला करतीं है !!
खुद को बेवजह जला के न उजियार भरो !!
............................न जागो और न मेरा  इंतज़ार करो !



2 टिप्‍पणियां:

  1. एक सेहरा हूं , उसको न गुलज़ार करो !!
    ............................न जागो और न मेरा इंतज़ार करो !
    बहुत खूब !

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  2. न जागो और न मेरा इंतज़ार करो !waah

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