मंगलवार, 10 अगस्त 2010

शहरी बाबू के लिये

शहरी बाबू के लिये तब की माशूक़ा 


और अब की नाज़नीन 



और अपने शहरी बाबू के ये हाल हैं आप खु़द देखिये

5 टिप्‍पणियां:

  1. पहले और अब मे साफ़ है महंगाई के कारण ही कटौती हुई है खासकर कपडो में

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  2. जी धीरू भैया सही फ़रमाए आप
    वैसे समीर भाई भी देखे हैं सारे....

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  3. सनद रहे ताकि वक़्त पे काम आए
    कौन काउन क्या क्या देखे

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