बुधवार, 30 दिसंबर 2009

मिर्ज़ा ग़ालिब

आभार यू ट्यूब 

तेरा  चेहरा  कितना  सुहाना लगता !


                                                                                आह को चाहिए 

                                                      दिल-ए-नादाँ 

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                                           हज़ारों ख्वाहिशें                            





 
अब अपने  महबूब के लिए 

2 टिप्‍पणियां:

  1. आनन्द आ गया.बेहतरीन संकलन.


    यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आप हिंदी में सार्थक लेखन कर रहे हैं।

    हिन्दी के प्रसार एवं प्रचार में आपका योगदान सराहनीय है.

    मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं.

    नववर्ष में संकल्प लें कि आप नए लोगों को जोड़ेंगे एवं पुरानों को प्रोत्साहित करेंगे - यही हिंदी की सच्ची सेवा है।

    निवेदन है कि नए लोगों को जोड़ें एवं पुरानों को प्रोत्साहित करें - यही हिंदी की सच्ची सेवा है।

    वर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाएँ और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।

    आपका साधुवाद!!

    नववर्ष की अनेक शुभकामनाएँ!

    समीर लाल
    उड़न तश्तरी

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  2. बहुत ही लाजवाब प्रस्तुति मुकुल भाई। सुनकर और देखकर मज़ा आ गया।
    नव-वर्ष पर ढ़ेरों शुभकामनाओं के साथ हमारा निवेदन: वर्ष २०१० मे हर माह ७ नए सिर्फ़ और सिर्फ़ चिट्ठा-पाठक (हिंदी चिट्ठों को पढ़ने और विष्लेषण करने के लिए और उन पर टिप्पणियाँ देने के लिए) तैयार करवाएँ और किसी भी नए व्यक्ति से नए चिट्ठे कतई ना शुरू करवाएँ और हिंदी चिट्ठों की संख्या इतने पर ही बरकरार रखने मगर उनकी विविधता और गुणवत्ता बढ़ाने में योगदान करें।
    जय हिन्दी चिट्ठाकारी !
    जय हिन्द !

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