मंगलवार, 1 दिसंबर 2009

, प्रेम,गीत- प्रेमकविता,





Scraps123
________________________________________प्रेम की मदिर भावनाओं के इर्द गिर्द की कविता  

       और गीत के लिंक इस पोस्ट में पेश है, 
_________________________________________ 

  1. मन अनुरागी जोगी तेरा हम-तुम में कैसी ये अनबन
  2. प्रेम पत्र के साथ गुज़ारा कब तक करूँ कहो तुम प्रिय...
  3. आज तुमसे न मिल पाना तुम्हारे होने को परिभाषित कर गया ...
  4. बस यही है प्रेम तपस्या तापसी
  5. सन्मुख प्रतिबंधों के कब तलक झुकूं कहो
  6. प्रीत निमंत्रण ..!
  7. ध्वनि-हीन संवाद
  8. जाग विरहनी प्रियतम आए
  9. भेज दो लिख कर ही प्रेम संदेश
  10. प्रेम दीप जो तुमने बारे

5 टिप्‍पणियां:

  1. प्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति !!

    उत्तर देंहटाएं
  2. गिरीश जी काली बैकग्राऊँड पर हम जैसे बूढे लोगों को पढने मे असुविधा होती है।ाच्छी तरह पढ नहीं पाई शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं

टिप्पणियाँ कीजिए शायद सटीक लिख सकूं